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हिमाचल में मानसून का बढ़ता कहर, सामान्य से 106% अधिक बारिश; 15.27 करोड़ का नुकसान, 6 जुलाई से फिर भारी बारिश का अलर्ट

मानसून में सामान्य से 106% ज्यादा बारिश, 15.27 करोड़ की संपत्ति को नुकसान
किन्नौर में 423% अधिक बारिश, फ्लैश फ्लड और बाढ़ से कई इलाके प्रभावित
6 जुलाई से फिर तेज होगा मानसून, 4 जिलों में ऑरेंज और 4 में येलो अलर्ट


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने इस बार शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए हैं। प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद से अब तक सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की घटनाओं से अब तक 15.27 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। किन्नौर, कुल्लू और चंबा सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं, जहां बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने राहत के बीच चेतावनी दी है कि 6 जुलाई से प्रदेश में फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है।

फ्लैश फ्लड और बाढ़ से बढ़ा नुकसान, सड़कें और भवन प्रभावित

लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। किन्नौर और चंबा में फ्लैश फ्लड ने सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, जबकि लाहौल-स्पीति में तेजी से पिघल रही बर्फ के कारण जहालमा और जिस्पा क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। तेज बहाव में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा प्रदेश में एक कच्चा मकान और पांच गौशालाएं भी बारिश की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुई हैं।

6 जुलाई से फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, कई जिलों में अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज और कल मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर रह सकती हैं। हालांकि सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। मौसम विभाग ने बताया है कि 6 जुलाई से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर शुरू होगा।

इसी को देखते हुए 6 और 7 जुलाई के लिए कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने आठ और नौ जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।

49 सड़कें, तीन ट्रांसफॉर्मर और 23 पेयजल योजनाएं प्रभावित

बारिश का असर प्रदेश के बुनियादी ढांचे पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राज्य में फिलहाल 49 सड़कें, 3 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 23 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्य में जुटे हुए हैं, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।

किन्नौर में सबसे ज्यादा 423 प्रतिशत अधिक बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 से 3 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य रूप से 15 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार 30.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक असर किन्नौर में देखने को मिला, जहां सामान्य से 423 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई।

इसके अलावा कुल्लू में 195 प्रतिशत, सिरमौर में 143 प्रतिशत, सोलन में 140 प्रतिशत, ऊना में 130 प्रतिशत, कांगड़ा में 125 प्रतिशत, शिमला में 117 प्रतिशत, चंबा में 107 प्रतिशत, मंडी में 46 प्रतिशत, हमीरपुर में 45 प्रतिशत और बिलासपुर में 37 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। वहीं लाहौल-स्पीति प्रदेश का एकमात्र जिला रहा, जहां सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।

बारिश के साथ तापमान में भी आएगा बदलाव

मौसम विभाग का कहना है कि आज और कल तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन 6 जुलाई से बारिश का नया दौर शुरू होने के बाद प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।